Current Affairs in Hindi [हिन्दी करेंट अफेयर्स] 2026-27
हिन्दी करेंट अफेयर्स 2026-27 जीकेटुडे द्वारा प्रकाशित भारत की सबसे सटीक एवं विश्वसनीय करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी है। हर प्रश्न की सटीक व्याख्या, उत्तर एवं सामान्य ज्ञान सहित यूपीएससी, आरपीएससी, यूकेपीएससी, बीपीएससी, यूपीपीएससी, एचपीएससी, एमपीपीएससी, सीजीपीएससी, तथा अन्य सभी परीक्षाओं के लिए करेंट घटनाक्रम एवं समसामयिक घटनाओ पर आधारित है।
31. ‘यंतुर’ इंजन किस स्वायत्त क्रूज मिसाइल प्लेटफॉर्म को शक्ति प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है?
[A] अग्नि-पी
[B] ब्रह्मोस-एनजी
[C] निर्भय
[D] स्वयत्त L1
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Correct Answer: D [स्वयत्त L1]
Notes:
भारतीय डीपटेक स्टार्टअप पैनिनियन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने ‘यंतुर’ 4.5 kN टर्बोफैन इंजन कार्यक्रम का अनावरण किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लंबी दूरी की स्वदेशी स्वायत्त प्रणालियों के लिए एयरोस्पेस प्रणोदन प्रौद्योगिकी विकसित करना है। यह इंजन भविष्य के कॉम्बैट ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को शक्ति प्रदान करने में सक्षम है। ‘यंतुर’ इंजन को रक्षा मंत्रालय के ‘मेक-I’ कार्यक्रम के तहत विकसित की जा रही ‘स्वयत्त L1’ लंबी दूरी की स्वायत्त क्रूज मिसाइल प्लेटफॉर्म को शक्ति प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है।
32. मिशन वात्सल्य पोर्टल किस मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है?
[A] गृह मंत्रालय
[B] महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
[C] सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
[D] शिक्षा मंत्रालय
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Correct Answer: B [महिला एवं बाल विकास मंत्रालय]
Notes:
हाल ही में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में मिशन वात्सल्य पोर्टल की जानकारी दी। मिशन वात्सल्य एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD) द्वारा विकसित किया गया है। यह देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (CNCP) तथा कानून के साथ संघर्षरत बच्चों (CCL) को सहायता प्रदान करता है। यह पोर्टल TrackChild, Khoya-Paya और GHAR (Go Home and Re-Unite) को एकीकृत करता है। साथ ही, यह गृह मंत्रालय के Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS) से भी जुड़ा हुआ है।
33. मिशन वात्सल्य किस मंत्रालय की केंद्र प्रायोजित योजना है?
[A] वित्त मंत्रालय
[B] गृह मंत्रालय
[C] महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
[D] वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
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Correct Answer: C [महिला एवं बाल विकास मंत्रालय]
Notes:
मिशन वात्सल्य, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित योजना है। यह देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (CNCP) तथा कानून के साथ संघर्षरत बच्चों (CCL) को सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य लापता और असुरक्षित बच्चों सहित कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की देखभाल, संरक्षण, पुनर्वास तथा पुनः एकीकरण सुनिश्चित करना है। यह योजना परिवार एवं समुदाय आधारित देखभाल, संस्थागत सहायता, परामर्श तथा आपातकालीन सहायता सेवाओं को बढ़ावा देती है। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने राज्यसभा में मिशन वात्सल्य योजना से संबंधित जानकारी दी।
34. मिशन पोषण 2.0 के तहत वास्तविक समय की निगरानी के लिए किस डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया जाता है?
[A] पोषण पोर्टल
[B] पोषण ट्रैकर
[C] ई-पोषण ऐप
[D] पोषण मित्र
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Correct Answer: B [पोषण ट्रैकर]
Notes:
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 का कार्यान्वयन कर रहा है। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें आंगनवाड़ी सेवाओं, पोषण अभियान तथा किशोरियों के लिए योजना का एकीकरण किया गया है। मार्च 2021 में शुरू किया गया ‘पोषण ट्रैकर’ आंगनवाड़ी सेवाओं और लाभार्थियों की वास्तविक समय में निगरानी की सुविधा प्रदान करता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत आहार विविधता और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर बल देने के उद्देश्य से जनवरी 2023 में पोषण मानदंडों में संशोधन किया गया।
35. गार्नेट-प्रकार के ठोस इलेक्ट्रोलाइट्स में लिथियम-आयन परिवहन के लिए नया मॉडलिंग फ्रेमवर्क किस संस्थान ने विकसित किया है?
[A] भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की
[B] भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई
[C] भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास
[D] भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अहमदाबाद
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Correct Answer: A [भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की]
Notes:
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की ने गार्नेट-प्रकार के ठोस इलेक्ट्रोलाइट्स में लिथियम-आयन परिवहन के लिए एक नया मॉडलिंग फ्रेमवर्क विकसित किया है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ द अमेरिकन केमिकल सोसाइटी (JACS) में प्रकाशित हुआ है। इसमें आणविक स्तर पर लिथियम-आयन की गति को बेहतर ढंग से समझने के लिए “सहसंबंध-क्षय के समय-पैमाने का पुनर्सामान्यीकरण” (time-scale renormalisation of correlation-decay) फ्रेमवर्क प्रस्तुत किया गया है। इस शोध से सुरक्षित और अधिक दक्ष ठोस-अवस्था बैटरियों के विकास में सहायता मिलने की उम्मीद है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की ने व्यावसायीकरण के लिए दो उन्नत रिचार्जेबल बैटरी प्रौद्योगिकियाँ भी हस्तांतरित की हैं।
36. मैगेलैनिक ब्रिज में पहली ज्ञात एक्स-रे द्वितारा प्रणाली की खोज किस संस्थान ने की है?
[A] भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
[B] भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे
[C] इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (IUCAA), पुणे
[D] भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
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Correct Answer: C [इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (IUCAA), पुणे]
Notes:
eROSITA एक अंतरिक्ष-आधारित एक्स-रे दूरबीन है, जो उच्च-ऊर्जा खगोलीय पिंडों से होने वाले एक्स-रे उत्सर्जन का पता लगाकर ब्रह्मांड का मानचित्रण करती है। इसके दूसरे सार्वजनिक डेटा रिलीज़ में लगभग 20 लाख एक्स-रे स्रोत शामिल हैं, जिससे यह अब तक तैयार किए गए सबसे बड़े एक्स-रे आकाश मानचित्रों में से एक बन गया है। पुणे स्थित इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (IUCAA) की टीम ने मैगेलैनिक ब्रिज में पहली ज्ञात एक्स-रे द्वितारा प्रणाली की खोज की है। मैगेलैनिक ब्रिज बड़े और छोटे मैगेलैनिक बादलों को जोड़ने वाली तारों और गैस की एक धारा है। नई खोजी गई प्रणाली में एक श्वेत बौना तारा एक विशालकाय तारे से गैस ग्रहण कर रहा है, जिससे चमकीले एक्स-रे उत्पन्न होते हैं।
37. मध्य प्रदेश का कौन-सा गांव फूलों की बड़े पैमाने पर खेती के कारण “मध्य प्रदेश का मिनी हॉलैंड” कहलाता है?
[A] खजुराहो
[B] रुपखेड़ा
[C] ओरछा
[D] पचमढ़ी
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Correct Answer: B [रुपखेड़ा]
Notes:
मध्य प्रदेश के धार जिले का रुपखेड़ा गांव आधुनिक संरक्षित खेती के एक मॉडल के रूप में उभरा है। फूलों की बड़े पैमाने पर खेती के कारण इसे “मध्य प्रदेश का मिनी हॉलैंड” कहा जाता है। यहां के किसानों ने पारंपरिक फसलों के स्थान पर गुलाब, जर्बेरा, लिली तथा उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियों की खेती अपनाई है। गांव में 44 पॉलीहाउस और 13 शेड नेट हाउस हैं। किसानों को एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत वित्तीय सहायता मिली है। उद्यानिकी विभाग के सहयोग से संचालित यह पहल जलवायु-अनुकूल और प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि की सफलता का उदाहरण है।
38. भारत में देश की पहली उपग्रह-निर्देशित हेलीकॉप्टर अप्रोच प्रक्रिया (RNP CAT H) किस हवाई अड्डे पर शुरू की गई?
[A] जुहू एयरोड्रोम, मुंबई
[B] HAL हवाई अड्डा, बेंगलुरु
[C] सफदरजंग हवाई अड्डा, दिल्ली
[D] बेगमपेट हवाई अड्डा, हैदराबाद
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Correct Answer: B [HAL हवाई अड्डा, बेंगलुरु]
Notes:
भारत की पहली उपग्रह-निर्देशित हेलीकॉप्टर अप्रोच प्रक्रिया, जिसे Required Navigation Performance–Category H (RNP CAT H) कहा जाता है, बेंगलुरु के HAL हवाई अड्डे पर शुरू की गई। इस उपलब्धि के साथ HAL हवाई अड्डा भारत में रोटरी-विंग विमानों के लिए उपग्रह-आधारित सटीक लैंडिंग पथ का उपयोग करने वाला पहला हवाई अड्डा बन गया है। जटिल शहरी भू-भाग और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में संचालन के लिए विकसित यह प्रणाली हेलीकॉप्टर के अप्रोच समय को लगभग 12 मिनट से घटाकर 4 मिनट कर देती है। यह तकनीक नागरिक एयर एम्बुलेंस सेवाओं, रक्षा अभियानों और आपदा प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
39. Qadr-F मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल किस देश ने विकसित की है?
[A] ईरान
[B] इज़राइल
[C] इराक
[D] सऊदी अरब
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Correct Answer: A [ईरान]
Notes:
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान-इज़राइल के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान Qadr-F मिसाइल हाल ही में चर्चा में रही। Qadr-F ईरान द्वारा विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी अनुमानित मारक क्षमता लगभग 2,000 km है और यह शाहाब-3 मिसाइल परिवार पर आधारित है। यह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की प्रमुख लंबी दूरी की मिसाइलों में शामिल है। इसे इमाद और खैबर मिसाइलों के साथ ईरान की रणनीतिक मिसाइल क्षमता के हिस्से के रूप में तैनात किया गया है।
40. ‘विक्रम’ श्रृंखला के कक्षीय प्रक्षेपण यान किस भारतीय निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी ने विकसित किए हैं?
[A] अग्निकुल कॉसमॉस
[B] स्काईरूट एयरोस्पेस
[C] पिक्सल
[D] बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस
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Correct Answer: B [स्काईरूट एयरोस्पेस]
Notes:
हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने ‘विक्रम’ श्रृंखला के कक्षीय प्रक्षेपण यान विकसित किए हैं। इसके कक्षीय प्रक्षेपण यान ‘विक्रम-1’ ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपनी पहली कक्षीय उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। कंपनी ने वाणिज्यिक प्रक्षेपण के लिए कई समझौते किए हैं, जिनमें तिरुवनंतपुरम स्थित HEX20 के साथ हालिया साझेदारी भी शामिल है। इस साझेदारी के तहत 2027 के अंत से ‘विक्रम’ श्रृंखला के कई प्रक्षेपण किए जाएंगे। स्काईरूट का लक्ष्य निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में छोटे उपग्रह प्रक्षेपणों की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए प्रति वर्ष 12 तक प्रक्षेपण करना है।