Current Affairs in Hindi [हिन्दी करेंट अफेयर्स] 2026-27
हिन्दी करेंट अफेयर्स 2026-27 जीकेटुडे द्वारा प्रकाशित भारत की सबसे सटीक एवं विश्वसनीय करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी है। हर प्रश्न की सटीक व्याख्या, उत्तर एवं सामान्य ज्ञान सहित यूपीएससी, आरपीएससी, यूकेपीएससी, बीपीएससी, यूपीपीएससी, एचपीएससी, एमपीपीएससी, सीजीपीएससी, तथा अन्य सभी परीक्षाओं के लिए करेंट घटनाक्रम एवं समसामयिक घटनाओ पर आधारित है।
31. वर्ल्ड आर्चरी द्वारा ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025’ किसे नामित किया गया है?
[A] दीपिका कुमारी
[B] शीतल देवी
[C] ज्योति सुरेखा वेन्नम
[D] हरविंदर सिंह
Show Answer
Correct Answer: B [शीतल देवी]
Notes:
शीतल देवी को वर्ल्ड आर्चरी द्वारा ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025’ के रूप में नामित किया गया है। जम्मू और कश्मीर की 19 वर्षीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी बिना हाथों के प्रतिस्पर्धा करने के लिए जानी जाती हैं, जो उनकी उपलब्धियों को अत्यंत विशिष्ट बनाता है। वह वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली और एकमात्र महिला निःहस्त तीरंदाज बनीं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पेरिस पैरालंपिक में मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक भी प्राप्त किया।
32. हॉकी इंडिया अवार्ड्स 2026 में मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से किसे सम्मानित किया गया?
[A] हार्दिक सिंह
[B] गुरजंत सिंह
[C] जफर इकबाल
[D] मनप्रीत सिंह
Show Answer
Correct Answer: C [जफर इकबाल]
Notes:
हॉकी इंडिया अवार्ड्स का 8वां वार्षिक समारोह 28 मार्च, 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें 2025 हॉकी सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 1980 मॉस्को ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य जफर इकबाल को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 में कांस्य पदक जीतने वाली जूनियर पुरुष टीम के खिलाड़ियों को 5 लाख रुपये तथा सहयोगी स्टाफ को 2.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
33. ‘अनुवादिनी AI’ प्लेटफॉर्म का विकास किस संस्थान ने किया है?
[A] अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद
[B] नीति आयोग
[C] राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र
[D] भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई
Show Answer
Correct Answer: A [अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद]
Notes:
आयुष मंत्रालय के अधीन केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद ने शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा विकसित ‘अनुवादिनी AI’ प्लेटफॉर्म के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह प्लेटफॉर्म कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से तकनीकी, वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक सामग्री का विभिन्न भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवाद करने में सक्षम है। इसका उद्देश्य भाषा संबंधी बाधाओं को समाप्त कर ज्ञान को अधिक सुलभ बनाना है।
34. ‘मालवान’ एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट को किस शिपयार्ड द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है?
[A] मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड
[B] कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
[C] गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स
[D] हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड
Show Answer
Correct Answer: B [कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड]
Notes:
तटीय रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘मालवान’ को भारतीय नौसेना को सौंपा गया है। यह कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित आठ एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) में से दूसरी है, जिसे पूर्णतः स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। इस पोत का नाम ‘मालवान’ रखा गया है और यह पूर्व आईएनएस मालवान (नौसैनिक माइनस्वीपर), जिसने 2003 तक सेवा दी थी, की विरासत को आगे बढ़ाता है। इसे पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW), तटीय निगरानी, निम्न-तीव्रता समुद्री अभियान (LIMO) तथा बारूदी सुरंग युद्ध के लिए डिजाइन किया गया है।
35. रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (RPSA) कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
[A] सुपरसोनिक यात्री विमानों का विकास करना
[B] मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहनों (UCAV) का विकास करना
[C] वायु यातायात प्रबंधन प्रणालियों में सुधार करना
[D] उपग्रह प्रक्षेपण यान बनाना
Show Answer
Correct Answer: B [मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहनों (UCAV) का विकास करना]
Notes:
भारतीय वायु सेना रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (RPSA) कार्यक्रम के तहत मानवरहित स्टील्थ लड़ाकू विमानों को शामिल करने की योजना बना रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य “घातक” नामक मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहन (UCAV) का विकास करना है। ये विमान मिसाइल और बम ले जाने में सक्षम होते हैं और स्वायत्त स्ट्राइक तथा युद्ध अभियानों के लिए उपयोग किए जाते हैं। “घातक” में कम रडार पहचान के लिए स्टील्थ फ्लाइंग-विंग डिज़ाइन अपनाया गया है, जिससे यह पायलटों को जोखिम में डाले बिना अत्यधिक संरक्षित हवाई क्षेत्रों में डीप-स्ट्राइक मिशन संचालित कर सकता है।
36. हाल ही में समाचारों में उल्लिखित “कोरोनोनेमा धृति” और “एपैकैंथियन इंडिका” क्या हैं?
[A] समुद्री नेमाटोड की हाल ही में खोजी गई प्रजातियाँ
[B] दुर्लभ औषधीय पौधे
[C] आक्रामक खरपतवार
[D] मकड़ी की हाल ही में खोजी गई प्रजातियाँ
Show Answer
Correct Answer: A [समुद्री नेमाटोड की हाल ही में खोजी गई प्रजातियाँ]
Notes:
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) के शोधकर्ताओं ने तमिलनाडु के तट पर मुक्त-जीवी समुद्री नेमाटोड की दो नई प्रजातियों की खोज की है, जिनके नाम कोरोनोनेमा धृति और एपैकैंथियन इंडिका हैं। कोरोनोनेमा धृति अपने वंश की चौथी ज्ञात प्रजाति है, जिसे पहले केवल ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड और वियतनाम में दर्ज किया गया था। एपैकैंथियन इंडिका एक सूक्ष्म शिकारी है, जिसके विशेष प्रकार के जबड़े और दाँत होते हैं तथा यह तलीय खाद्य जाल में आहार ग्रहण करता है। समुद्री नेमाटोड पोषक चक्रण और तलछट स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के जैव-सूचक के रूप में कार्य करते हैं।
37. भारत का पहला प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) किस राज्य में स्थित है?
[A] तमिलनाडु
[B] कर्नाटक
[C] केरल
[D] आंध्र प्रदेश
Show Answer
Correct Answer: A [तमिलनाडु]
Notes:
तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित भारत के पहले स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने सफलतापूर्वक क्रिटिकलिटी प्राप्त कर ली है। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तीव्र न्यूट्रॉन का उपयोग कर उपभोग से अधिक विखंडनीय ईंधन उत्पन्न करता है। क्रिटिकलिटी वह अवस्था है, जिसमें एक स्व-निर्वाहक परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया स्थापित हो जाती है। 500 मेगावाट इलेक्ट्रिक (MWe) क्षमता वाला यह रिएक्टर भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI) द्वारा विकसित किया गया है। इसमें यूरेनियम-प्लूटोनियम मिश्रित ऑक्साइड ईंधन तथा तरल सोडियम शीतलक के रूप में उपयोग होता है। यह भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम का समर्थन करता है।
38. टार बॉल्स के प्रबंधन तथा भारत के तटीय क्षेत्र और समुद्री पर्यावरण को तेल रिसाव से बचाने हेतु मसौदा नियम किस मंत्रालय ने जारी किए हैं?
[A] मत्स्य पालन मंत्रालय
[B] पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
[C] पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
[D] पोत परिवहन मंत्रालय
Show Answer
Correct Answer: B [पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय]
Notes:
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने टार बॉल्स के प्रबंधन तथा भारत के तटीय क्षेत्रों और समुद्री पर्यावरण को तेल रिसाव से बचाने के लिए मसौदा नियम जारी किए हैं। टार बॉल्स छोटे, गहरे रंग के, चिपचिपे पिंड होते हैं, जो समुद्री वातावरण में तेल रिसाव या प्राकृतिक स्राव के कारण बनते हैं। ये कच्चे तेल के भौतिक, रासायनिक और जैविक अपक्षय से उत्पन्न होते हैं और समुद्री धाराओं तथा लहरों द्वारा तटों तक पहुँच जाते हैं। इनमें भारी धातुएँ, सूक्ष्म तत्व और स्थायी कार्बनिक प्रदूषक जैसे विषैले घटक पाए जाते हैं।
39. स्किल्स आउटकम्स फंड पहल किस मंत्रालय के अंतर्गत शुरू की गई है?
[A] शिक्षा मंत्रालय
[B] कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय
[C] वित्त मंत्रालय
[D] श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
Show Answer
Correct Answer: B [कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय]
Notes:
कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा संचालित ₹530 करोड़ के ‘स्किल्स आउटकम्स फंड’ का शुभारंभ किया। इस कोष का उद्देश्य सार्वजनिक और निजी पूंजी जुटाकर आउटकम्स-आधारित वित्तपोषण (OBF) को बढ़ावा देना है, जिसमें निवेश को रोजगार परिणामों से जोड़ा जाता है।
40. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) किस संगठन द्वारा प्रारंभ किया गया?
[A] विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
[B] वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR)
[C] भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
[D] इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
Show Answer
Correct Answer: A [विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग]
Notes:
भारत ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के अंतर्गत 1,000 किलोमीटर क्वांटम संचार नेटवर्क का सफल प्रदर्शन किया है, जो सुरक्षित संचार प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 2023-24 से 2030-31 की अवधि के लिए 6003 करोड़ रुपये के बजट के साथ प्रारंभ किया गया था। इसका उद्देश्य क्वांटम प्रौद्योगिकी में अनुसंधान एवं विकास (R&D) को प्रोत्साहित करना, पोषित करना और विस्तार देना तथा एक नवोन्मेषी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। यह प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) की नौ पहलों में से एक है।