बी. आर. अंबेडकर
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1(1) के अनुसार, "भारत, अर्थात् भारतवर्ष, राज्यों का एक संघ होगा।" संघ शब्द को जानबूझकर परिसंघ के स्थान पर चुना गया ताकि यह दर्शाया जा सके कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है, जिसे मनमाने ढंग से तोड़ा जा सके। इसके घटक राज्यों को इससे अलग होने की स्वतंत्रता नहीं है। इसलिए, राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन कर उन्हें विभाजित या पुनर्गठित किया जा सकता है, लेकिन देश एक अविभाज्य संघ बना रहता है। केंद्र सरकार राज्यों के नाम और सीमाएं उनकी सहमति के बिना भी बदल सकती है। इसी कारण डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने भारत को "नष्ट होने योग्य राज्यों का अविनाशी संघ" कहा था।
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